अरावली रेंज पश्चिम में थार रेगिस्तान से आने वाली धूल के सामने एक प्राकृतिक ढ़ाल का काम करती है, लेकिन बढ़ते खनन और इंसानों के दखल के चलते यह ढ़ाल लगातार कमजोर होती जा रही है। जानकारों का कहना है कि ज़मीन के इस्तेमाल की सख्त पॉलिसी न होने से अरावली जैसे हरे-भ... See more
तीस डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा का तापमान कॉफ़ी की पैदावार को कम करता है, कॉफ़ी के बीन की गुणवत्ता पर असर डालता है, और पौधे पर तनाव बढ़ाता है। केरला में जलवायु परिवर्तन की वजह से हर साल बहुत ज़्यादा गर्मी वाले दिनों में औसतन 65 दिनों का इजाफ़ा हुआ है। वहीं, ... See more
किसी आपदा का मानसिक असर अक्सर आपदा खत्म होने के बाद भी काफी समय तक बना रहता है। पुनर्वास के दौरान जब लोगों में अपनों को खोने का दुख और दोबारा आपदा आने का डर मन मैं बैठ जाता है, तो उनकी मानसिक स्थिति और बिगड़ जाती है। 2024 में वायनाड में आए भूस्खलन के बाद ... See more
शोधकर्ताओं ने केरल की एक जल धारा में फिशिंग स्पाइडर की एक नई प्रजाति की खोज की है। यह मकड़ी केवल साफ और धीमी गति से बहने वाले पानी में ही जीवित रह सकती है। इसलिए, इन्हें ‘बायोइंडिकेटर’ माना जाता है, क्योंकि इनकी उपस्थिति से पता चलता है कि वह क्षेत्र कितना ... See more
अरुणाचल प्रदेश के ईगलनेस्ट वन्यजीव अभयारण्य में 3,266 मीटर की ऊंचाई पर हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह जानकारी राज्य में मानव-हाथी संघर्ष पर बनी पहली व्यापक रणनीति और कार्ययोजना (एक्शन प्लान) में सामने आई है। इस एक्शन प्लान में फसल सुरक्षा, अर्ली वार... See more